अंतरिक्ष एवं वायुमंडलीय विज्ञान प्रयोगशालाएं

प्रकाशिक ऐरोनॉमी प्रयोगशाला   फोटो
प्रयोगशाला का अवलोकन

लैब के बारे में

संक्षिप्त

मुख्य उपकरण विवरण

परिणाम

विशिष्टता

अंतरिक्ष मौसम प्रयोगशाला   फोटो
प्रयोगशाला का अवलोकन

लैब के बारे में

संक्षिप्त

मुख्य उपकरण विवरण

परिणाम

विशिष्टता

VOC वायुमंडलीय प्रयोगशाला (वोकल)  फोटो
प्रयोगशाला का अवलोकन

लैब के बारे में

संक्षिप्त

मुख्य उपकरण विवरण

परिणाम

विशिष्टता

बादल और सीमा परत मापन प्रयोगशाला फोटो
प्रयोगशाला का अवलोकन

लैब के बारे में

संक्षिप्त

मुख्य उपकरण विवरण

परिणाम

विशिष्टता

एरोसोल अभिलक्षणन प्रयोगशाला, उदयपुर फोटो
प्रयोगशाला का अवलोकन

लैब के बारे में

वायुमंडलीय एरोसोल (Atmospheric Aerosols) वायुमंडल में पाए जाने वाले अत्यंत सूक्ष्म ठोस एवं द्रव कण होते हैं, जिनकी उत्पत्ति प्राकृतिक स्रोतों तथा मानवीय (Anthropogenic) गतिविधियों दोनों से होती है। भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL) के उदयपुर सौर वेधशाला (USO), उदयपुर स्थित एरोसोल अभिलक्षणन प्रयोगशाला (ACL) में एथेलोमीटर (Aethalometer), नेफेलोमीटर (Nephelometer), एरोसोल वर्णक्रममापी (Aerosol Spectrometer), लिडार  (Lidar) तथा सूर्य-आकाश विकिरणमापी  (Sun-Sky Radiometer) जैसी उन्नत प्रेक्षण सुविधाओं का उपयोग कर सतही (Surface), स्तंभीय (Columnar) एवं ऊर्ध्वाधर (Vertical) स्तरों पर एरोसोल के भौतिक, प्रकाशीय (Optical) तथा विकिरणीय (Radiative) गुणों का अध्ययन किया जाता है।

संक्षिप्त

एरोसोल वायु गुणवत्ता, जलवायु तथा मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। ये वायुमंडलीय रासायनिकी, बादलों के निर्माण तथा पृथ्वी के विकिरण संतुलन (Radiation Balance) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें ब्लैक कार्बन (Black Carbon - BC) एक प्रमुख प्राथमिक एरोसोल है, जो जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) तथा जैविक संहति  (Biomass) के अपूर्ण दहन से उत्पन्न होता है। ब्लैक कार्बन अल्पकालिक जलवायु प्रदूषकों (Short-Lived Climate Pollutants) में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है तथा कार्बन डाइऑक्साइड के बाद मानवजनित वैश्विक तापन (Anthropogenic Warming) में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। यह वायुमंडलीय ऊष्मन, दृश्यता (Visibility) तथा मानव स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है। इसके बावजूद, सीमित प्रेक्षणों तथा स्रोतों की विशेषताओं एवं उनके स्थानिक वितरण (Spatial Distribution) की अपर्याप्त जानकारी के कारण ब्लैक कार्बन के उत्सर्जन तथा इसके जलवायु प्रभावों से संबंधित अनिश्चितताएँ अभी भी बनी हुई हैं।

मुख्य उपकरण विवरण

(1) एथेलोमीटर (Aethalometer)विभिन्न तरंगदैर्ध्यों पर एरोसोल द्वारा प्रकाश अवशोषण (Light Absorption) तथा समतुल्य ब्लैक कार्बन (Equivalent Black Carbon, eBC) की सांद्रता मापता है।

(2) नेफेलोमीटर (Nephelometer)एरोसोल के प्रकाश प्रकीर्णन गुणांक (Light Scattering Coefficient) तथा अन्य प्रकाशीय गुणों का मापन करता है।

(3) एरोसोल वर्णक्रममापी (Aerosol Spectrometer)व्यापक आकार सीमा में कणों की संख्या सांद्रता (Particle Number Concentration) तथा आकार वितरण (Size Distribution) का मापन करता है।

(4) सूर्य-आकाश विकिरणमापी (Sun-Sky Radiometer)सूर्य एवं आकाशीय विकिरण मापों के आधार पर एरोसोल प्रकाशिकी गहराई  (Aerosol Optical Depth - AOD), कण आकार वितरण तथा एकल प्रकीर्णन प्रकाशानुपात या धवलता  (Single Scattering Albedo) का निर्धारण करता है।

(5) लिडार (Lidar)एरोसोल के पश्च-प्रकीर्णित (Backscatter) तथा विलोपन (Extinction) गुणों के ऊर्ध्वाधर प्रोफाइल उपलब्ध कराता है।

परिणाम

हाल के वर्षों में प्राप्त महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धियों में निम्नलिखित शामिल हैं:

(1) स्थल-विशिष्ट (Site-Specific) अवशोषण गुणों के आधार पर क्षेत्रीय ब्लैक कार्बन स्रोतों की पहचान एवं उनके योगदान का विश्लेषण।

विशिष्टता

उदयपुर स्थित एरोसोल अभिलक्षणन प्रयोगशाला  (ACL) पश्चिमी भारत की उन चुनिंदा प्रयोगशालाओं में से एक है, जहाँ एरोसोल के भौतिक, प्रकाशीय, रासायनिक तथा विकिरणीय गुणों का सतही, स्तंभीय एवं ऊर्ध्वाधर स्तरों पर निरंतर एवं समग्र (Comprehensive) मापन किया जाता है। भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL) द्वारा संचालित एरोसोल प्रयोगशालाओं का एक विशिष्ट नेटवर्क शहरी (अहमदाबाद), अर्ध-शहरी (उदयपुर) तथा दूरस्थ उच्च पर्वतीय (आबूराज) क्षेत्रों में स्थापित है। यह नेटवर्क विभिन्न भौगोलिक एवं वायुमंडलीय परिस्थितियों में एरोसोल की परिवर्तनशीलता (Variability), स्रोत विभाजन (Source Apportionment), ऊर्ध्वाधर वितरण (Vertical Distribution), एरोसोल–विकिरण अंतःक्रियाओं (Aerosol–Radiation Interactions) तथा उनके क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता एवं जलवायु पर प्रभावों का समन्वित एवं तुलनात्मक अध्ययन करने में सक्षम बनाता है।

एरोसोल अनुवीक्षणन प्रयोगशाला (AML), अहमदाबाद फोटो
प्रयोगशाला का अवलोकन

लैब के बारे में

वायुमंडलीय एरोसोल (Atmospheric Aerosols) वायुमंडल में सूक्ष्म ठोस एवं द्रव कणों का मिश्रण होते हैं, जिनका आकार सामान्यतः नैनोमीटर से लेकर माइक्रोमीटर तक होता है। इनकी उत्पत्ति प्राकृतिक स्रोतों, जैसे समुद्री लवण कण (Sea Spray), खनिज धूल (Mineral Dust), ज्वालामुखीय विस्फोट  (Volcanic Eruptions) तथा जैवजनित उत्सर्जन (Biogenic Emissions), एवं मानवजनित (Anthropogenic) स्रोतों, जैसे वाहन उत्सर्जन (Vehicular Emissions), जैविक संहति दहन (Biomass Burning), जीवाश्म ईंधन दहन (Fossil Fuel Combustion) तथा औद्योगिक गतिविधियों (Industrial Activities) से होती है।

भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL), अहमदाबाद स्थित एरोसोल अनुवीक्षणन प्रयोगशाला (Aerosol Monitoring Laboratory; AML) में एथेलोमीटर (Aethalometer), नेफेलोमीटर (Nephelometer), एरोसोल वर्णक्रममापी (Aerosol Spectrometer), लिडार  (Lidar) तथा सूर्य-आकाश विकिरणमापी  (Sun-Sky Radiometer), एकल कण कालिख प्रकाशमिति  (Single Particle Soot Photometer; SP2), एरोसोल रासायनिक प्रजातीकरण अनुवीक्षण (Aerosol Chemical Speciation Monitor; ACSM) सहित अनेक अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरण स्थापित हैं। इन उपकरणों के माध्यम से एरोसोल के भौतिक, प्रकाशीय, रासायनिक तथा विकिरणीय गुणों का सतही (Surface), स्तंभीय (Columnar) एवं ऊर्ध्वाधर (Vertical) स्तरों पर व्यापक एवं निरंतर अध्ययन किया जाता है।

संक्षिप्त

एरोसोल वायु गुणवत्ता, जलवायु तथा मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण वायुमंडलीय अवयव हैं। ये वायुमंडलीय रसायनिकी, बादलों के निर्माण तथा पृथ्वी के विकिरण संतुलन (Earth's Radiation Balance) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें ब्लैक कार्बन (Black Carbon; BC) एक प्रमुख प्राथमिक एरोसोल है, जो जीवाश्म ईंधन एवं जैविक संहति के अपूर्ण दहन से उत्सर्जित होता है। ब्लैक कार्बन को अल्पकालिक जलवायु प्रदूषकों (Short-Lived Climate Pollutants) में सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है तथा यह कार्बन डाइऑक्साइड के पश्चात मानवजनित वैश्विक तापन (Anthropogenic Warming) का दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। यह वायुमंडलीय ऊष्मन, दृश्यता (Visibility) तथा मानव स्वास्थ्य पर प्रत्यक्ष एवं महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है। तथापि, सीमित प्रेक्षणों तथा स्रोतों की विशेषताओं एवं उनके स्थानिक वितरण (Spatial Distribution) की अपर्याप्त जानकारी के कारण ब्लैक कार्बन के उत्सर्जन एवं इसके जलवायु प्रभावों के आकलन में अभी भी पर्याप्त अनिश्चितताएँ विद्यमान हैं।

मुख्य उपकरण विवरण

(1) एथेलोमीटर (Aethalometer)विभिन्न तरंगदैर्ध्यों पर एरोसोल द्वारा प्रकाश अवशोषण (Light Absorption) तथा समतुल्य ब्लैक कार्बन (Equivalent Black Carbon; eBC) की सांद्रता का मापन करता है।

(2) नेफेलोमीटर (Nephelometer)एरोसोल के प्रकाश प्रकीर्णन गुणांक (Light Scattering Coefficient) एवं अन्य प्रकाशीय गुणों का मापन करता है।

(3) एरोसोल वर्णक्रममापी (Aerosol Spectrometer)विस्तृत कण आकार सीमा में एरोसोल कणों की संख्या सांद्रता (Particle Number Concentration) एवं आकार वितरण (Particle Size Distribution) का मापन करता है।

(4) सूर्य-आकाश विकिरणमापी (Sun-Sky Radiometer)सूर्य एवं आकाशीय विकिरण मापों के आधार पर एरोसोल प्रकाशिकी गहराई  (Aerosol Optical Depth - AOD), कण आकार वितरण तथा एकल प्रकीर्णन प्रकाशानुपात या धवलता  (Single Scattering Albedo) का निर्धारण करता है।

(5) लाइडार (Lidar)एरोसोल के पश्च-प्रकीर्णित (Backscatter) तथा विलोपन (Extinction) गुणों के ऊर्ध्वाधर प्रोफाइल उपलब्ध कराता है।

(6) एकल कण कालिख प्रकाशमापी  (Single Particle Soot Photometer; SP2)एकल कण स्तर पर अपवर्तनीय ब्लैक कार्बन (Refractory Black Carbon; rBC) के द्रव्यमान, आकार वितरण तथा मिश्रण अवस्था (Mixing State) का उच्च-परिशुद्धता से मापन करता है।

(7) एरोसोल रासायनिक प्रजातीकरण अनुवीक्षण (Aerosol Chemical Speciation Monitor; ACSM)उप-माइक्रोन (Submicron) आकार के गैर-अपवर्तनीय (Non-Refractory) एरोसोल कणों की वास्तविक समय (Real-Time) रासायनिक संरचना का विश्लेषण करता है।

परिणाम

हाल के वर्षों में प्राप्त प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं

(1) शहरी क्षेत्र में ब्लैक कार्बन (BC) एरोसोल की विशेषताओं, स्रोत विभाजन (Source Apportionment) एवं दीर्घकालिक प्रवृत्तियों (Long-Term Trends) का अध्ययन।

(2) शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ब्लैक कार्बन के विभिन्न स्रोतों के सापेक्ष योगदान (Relative Source Strengths) का तुलनात्मक विश्लेषण।

(3) विभिन्न वायुमंडलीय परिवेशों में एरोसोल के व्यापक (Extensive) एवं सघन (Intensive) गुणों का अध्ययन।

(4) शहरी क्षेत्र में ब्लैक कार्बन की मिश्रण अवस्था (Mixing State) की विशेषताओं का विश्लेषण।

(5) ब्लैक कार्बन से संबद्ध एरोसोल के आर्द्रताग्राही (Hygroscopic) वृद्धि व्यवहार का अध्ययन।

(6) शहरी क्षेत्र में एरोसोल के एकल प्रकीर्णन प्रकाशानुपात  या धवलता (Single Scattering Albedo; SSA) की स्थानिक एवं कालिक विषमता (Heterogeneity) का विश्लेषण।

विशिष्टता

एरोसोल अनुवीक्षणन प्रयोगशाला (AML), अहमदाबाद भारत की चुनिंदा उन्नत वैज्ञानिक सुविधाओं में से एक है, जहाँ एरोसोल के भौतिक, प्रकाशीय, रासायनिक तथा विकिरणीय गुणों का सतही, स्तंभीय एवं ऊर्ध्वाधर स्तरों पर निरंतर, समग्र एवं उच्च-परिशुद्धता के साथ मापन किया जाता है। भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL) द्वारा संचालित एरोसोल वेधशालाओं का एक विशिष्ट नेटवर्क अहमदाबाद (शहरी), उदयपुर (अर्ध-शहरी) तथा गुरुशिखर, आबूराज (दूरस्थ उच्च-पर्वतीय) क्षेत्रों में स्थापित है। यह नेटवर्क विविध वायुमंडलीय परिस्थितियों में एरोसोल की स्थानिक एवं कालिक परिवर्तनशीलता (Spatial and Temporal Variability), स्रोत विभाजन (Source Apportionment), ऊर्ध्वाधर वितरण (Vertical Distribution), एरोसोल–विकिरण अंतःक्रियाओं (Aerosol–Radiation Interactions) तथा क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता एवं जलवायु पर उनके प्रभावों का समन्वित एवं तुलनात्मक अध्ययन करने की अद्वितीय सुविधा प्रदान करता है। यह बहु-स्थलीय (Multi-Site) प्रेक्षण प्रणाली भारत में एरोसोल एवं जलवायु अनुसंधान के लिए एक विशिष्ट वैज्ञानिक अवसंरचना का प्रतिनिधित्व करती है।

वायुमंडलीय विज्ञान प्रयोगशाला (ASL), गुरुशिखर फोटो
प्रयोगशाला का अवलोकन

लैब के बारे में

वायुमंडलीय एरोसोल (Atmospheric Aerosols) वायुमंडल में अत्यंत सूक्ष्म ठोस एवं द्रव कण होते हैं, जिनकी उत्पत्ति प्राकृतिक स्रोतों तथा मानवजनित (Anthropogenic) गतिविधियों दोनों से होती है।

भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL) की माउंट आबू वेधशाला, गुरुशिखर (आबूराज) स्थित वायुमंडलीय विज्ञान प्रयोगशाला (Atmospheric Science Laboratory; ASL) में एथेलोमीटर (Aethalometer), नेफेलोमीटर (Nephelometer), एरोसोल वर्णक्रममापी (Aerosol Spectrometer), लिडार  (Lidar) तथा सूर्य-आकाश विकिरणमापी  (Sun-Sky Radiometer) जैसे अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरण स्थापित हैं। इन उपकरणों के माध्यम से एरोसोल के भौतिक, प्रकाशीय (Optical) तथा विकिरणीय (Radiative) गुणों का सतही (Surface), स्तंभीय (Columnar) एवं ऊर्ध्वाधर (Vertical) स्तरों पर निरंतर एवं उच्च-गुणवत्ता के साथ प्रेक्षण किया जाता है।

संक्षिप्त

एरोसोल वायु गुणवत्ता, जलवायु तथा मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण वायुमंडलीय अवयव हैं। ये वायुमंडलीय रसायनिकी, बादलों के निर्माण तथा पृथ्वी के विकिरण संतुलन (Earth's Radiation Balance) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें ब्लैक कार्बन (Black Carbon; BC) एक प्रमुख प्राथमिक एरोसोल है, जो जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) एवं जैविक संहति (Biomass) के अपूर्ण दहन से उत्सर्जित होता है। ब्लैक कार्बन को अल्पकालिक जलवायु प्रदूषकों (Short-Lived Climate Pollutants) में सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है तथा यह कार्बन डाइऑक्साइड के पश्चात मानवजनित वैश्विक तापन (Anthropogenic Warming) का दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। यह वायुमंडलीय ऊष्मन, दृश्यता (Visibility) तथा मानव स्वास्थ्य पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालता है। तथापि, सीमित प्रेक्षणों तथा स्रोतों की विशेषताओं एवं उनके स्थानिक वितरण (Spatial Distribution) की अपर्याप्त जानकारी के कारण ब्लैक कार्बन के उत्सर्जन एवं इसके जलवायु प्रभावों के आकलन में अभी भी पर्याप्त अनिश्चितताएँ विद्यमान हैं।

मुख्य उपकरण विवरण

एथेलोमीटर (Aethalometer)विभिन्न तरंगदैर्ध्यों पर एरोसोल द्वारा प्रकाश अवशोषण (Light Absorption) तथा समतुल्य ब्लैक कार्बन (Equivalent Black Carbon; eBC) की सांद्रता का मापन करता है।

(2) नेफेलोमीटर (Nephelometer)एरोसोल के प्रकाश प्रकीर्णन गुणांक (Light Scattering Coefficient) एवं अन्य प्रकाशीय गुणों का मापन करता है।

(3) एरोसोल वर्णक्रममापी (Aerosol Spectrometer)विस्तृत कण आकार सीमा में एरोसोल कणों की संख्या सांद्रता (Particle Number Concentration) एवं आकार वितरण (Particle Size Distribution) का मापन करता है।

(4) सूर्य-आकाश विकिरणमापी (Sun-Sky Radiometer)सूर्य एवं आकाशीय विकिरण मापों के आधार पर एरोसोल प्रकाशिकी गहराई  (Aerosol Optical Depth - AOD), कण आकार वितरण तथा एकल प्रकीर्णन प्रकाशानुपात या धवलता  (Single Scattering Albedo) का निर्धारण करता है।

(5) लाइडार (Lidar)एरोसोल के पश्च-प्रकीर्णित (Backscatter) तथा विलोपन (Extinction) गुणों के ऊर्ध्वाधर प्रोफाइल उपलब्ध कराता है।

परिणाम

हाल के वर्षों में प्राप्त प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं

(1) पृष्ठभूमि (Background) क्षेत्र में ब्लैक कार्बन एरोसोल के विकिरणीय प्रभावों (Radiative Implications) का विस्तृत अध्ययन।

(2) गुरुशिखर (माउंट आबू) क्षेत्र में एरोसोल के प्रकाशीय गुणों (Aerosol Optical Properties) का व्यापक विश्लेषण।

(3) दूरस्थ (Remote) स्थल पर एरोसोल के एकल प्रकीर्णन प्रकाशानुपात या धवलता (Single Scattering Albedo; SSA) की स्थानिक एवं कालिक विषमता (Heterogeneity) का अध्ययन।

विशिष्टता

वायुमंडलीय विज्ञान प्रयोगशाला (ASL) पश्चिमी भारत में स्थापित एरोसोल वेधशालाओं के एक विशिष्ट वैज्ञानिक नेटवर्क का महत्वपूर्ण भाग है, जिसमें गुरुशिखर (आबूराज) स्थित उच्च-ऊँचाई (High-Altitude) एवं दूरस्थ (Remote) वेधशाला भी सम्मिलित है। यह नेटवर्क एरोसोल के भौतिक, प्रकाशीय, रासायनिक तथा विकिरणीय गुणों का सतही, स्तंभीय एवं ऊर्ध्वाधर स्तरों पर निरंतर एवं समग्र मापन करने की सुविधा प्रदान करता है। अहमदाबाद (शहरी), उदयपुर (अर्ध-शहरी) तथा गुरुशिखर, आबूराज (दूरस्थ उच्च-पर्वतीय) जैसे विविध वायुमंडलीय परिवेशों में समन्वित प्रेक्षणों के माध्यम से एरोसोल की स्थानिक एवं कालिक परिवर्तनशीलता (Spatial and Temporal Variability), स्रोत विभाजन (Source Apportionment), ऊर्ध्वाधर वितरण (Vertical Distribution), एरोसोल–विकिरण अंतःक्रियाओं (Aerosol–Radiation Interactions) तथा क्षेत्रीय जलवायु एवं वायु गुणवत्ता पर उनके प्रभावों का समग्र एवं तुलनात्मक अध्ययन किया जाता है। यह सुविधा भारत में अपनी प्रकार की चुनिंदा वैज्ञानिक अवसंरचनाओं में से एक है, जो विविध भौगोलिक एवं वायुमंडलीय परिस्थितियों में एरोसोल अनुसंधान के लिए एक अद्वितीय मंच उपलब्ध कराती है।