इतिहास

1947
1947 में डॉ. विक्रम ए. साराभाई द्वारा स्थापित भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला प्रयोगशाला की शुरुआत उनके निवास, रिट्रीट पर ब्रह्मांडीय किरणों के शोध करने से हुई ।

1947
औपचारिक रूप से इस प्रयोगशाला की स्थापना 11 नवम्बर, 1947 में एम.जी. विज्ञान महाविद्यालय, अहमदाबाद में कर्मक्षेत्र शिक्षा फाउंडेशन और अहमदाबाद शिक्षा समाज की सहायता से की गई । शुरु में अनुसंधान ब्रह्मांड किरणों और ऊपरी वायुमंडल के गुणधर्मों पर केन्द्रित था । परमाणु ऊर्जा आयोग से अनुदान प्राप्त होने पर सैद्धांतिक भौतिकी और रेडियो भौतिकी में अनुसंधान को बाद में शामिल किया गया ।

1950
पहली प्रबंध परिषद का गठन निम्नलिखित सदस्यों से किया गया :
डॉ. एस.एस. भटनागर ,
एफ.आर.एस.
डॉ. के.एस. कृष्णन , एफ.आर.एस.
डॉ. वाई.जी. नाईक
डॉ. वी.ए. साराभाई
डॉ. के.आर. रामनाथन

1951
माउंट आबू में सबसे पहला ओजोन मापन स्टेशन

1952
पी.आर.एल . परिसर की आधारशिला सर सी.वी. रमन के द्वारा रखी गई ।

1954
मुख्य परिसर का उद्घाटन पंडित जवाहरलाल नेहरू के द्वारा किया गया ।

1954
पी.आर.एल. मुख्य परिसर

1963
(परमाणु ऊर्जा आयोग) भारत सरकार गुजरात सरकार कर्मक्षत्र शिक्षा फाउंडेशन अहमदाबाद शिक्षा समाज के बीच चतुष्पक्षीय समझौते से ट्रस्ट के रूप में पी.आर.एल. का पंजीयन हुआ ।

1979
माऊंट आबू में अवरक्त दूरबीन

1980
उदयपुर सौर वेधशाला पी.आर.एल. का एक हिस्सा बनी ।

1980
थलतेज परिसर
| दशक | वैज्ञानिक मील के पत्थर |
|---|---|
| 1950s | ब्रह्मांड किरण वायुमंडलीय विज्ञान |
| 1960s | सैद्धांतिक भौतिकी रेडियो भौतिकी |
| 1970s | पृथ्वी एवं ग्रहीय विज्ञान अवरक्त खगोल विज्ञान |
| 1980s | कण भौतिकी सौर भौतिकी |
| 1990s | लेजर भौतिकी एवं क्वांटम प्रकाशिकी अरैखिक गति की एवं संगणनात्मक भौतिकी खगोल कण भौतिकी एवं ब्रह्माण्ड विज्ञान |
| 2000s | क्वान्टम सूचना सौर एक्स रे - खगोल विज्ञान (SOXS) सबमिलीमिटर खगोल विज्ञान ग्रहीय अन्वेषण |
