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माउन्ट आबू अवरक्त वेधशाला English
भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला
अंतरिक्ष विभाग की एक इकाई, भारत सरकार

प्रकाशिक और आईआर वेधशाला की स्थापना और अवरक्त और प्रकाशिक खगोल विज्ञान कार्यक्रम की शुरुआत के विचार को पीआरएल द्वारा 1970 के दशक के दौरान प्रस्तुत किया गया था। खगोलीय साइट की उपयुक्तता के लिए कई स्थानों के सर्वेक्षण के बाद, राजस्थान में माउंट आबू में अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी, गुरुशिखर को सबसे उपयुक्त पाया गया, जिसका कारण यहां कम जल वाष्प का होना, काफी अच्छी दृश्यता के साथ 220 से अधिक अवलोकनीय रातें और पीआरएल, अहमदाबाद से साइट की दूरी (240 कि.मी.) होना था। इस साइट के विकास की जिम्मेदारी इसरो को दी गई जिसमें एप्रोच सड़क का निर्माण, दूरबीन का निर्माण और अन्य सुविधाओं, दूरबीन माउंट और गुंबद का निर्माण आदि शामिल था। पूरी वेधशाला का डिजाइन और विकास देश में ही किया गया था। दूरबीन नियंत्रण सहित दूरबीन ड्राइव, माउंट और अन्य सहायक प्रणालियों का डिजाइन शार केंद्र द्वारा किया गया था जिसने चेन्नई में निर्माण कार्य की देखरेख भी की थी। दर्पण निर्माण, चमकाने और अन्य प्रकाशिकी की जिम्मेदारी भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान, बेंगलूरु की थी। खगोलीय प्रेक्षण का एक सबसे महत्वपूर्ण घटक, सभी बैक-एंड उपकरणों को वेधशाला की स्थापना के साथ-साथ विकसित किया गया था। यह ध्यान देने योग्य है कि उन प्रारंभिक उपकरणों में से कुछ अभी भी कार्य कर रहे हैं और नई पीढ़ी के उपकरणों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। अल्फा ऐरिटस तारे की "पहली प्रकाश" छवि 19 नवम्बर 1994 को 1.2 मीटर दूरबीन से प्राप्त की गई थी जो उसकी प्रकाशिकी की उत्कृष्ट गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। इस वेधशाला का नियमित संचालन 7 दिसंबर, 1994 को आईआरसी-10557 (v एक्वेरी) के चंद्र उपगूहन अध्ययन के तुरंत बाद शुरू हो गया था। इन वर्षों में इसने खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी संकाय के वैज्ञानिक कार्यक्रमों की अवलोकन आवश्यकताओं को पूरा किया है। इन अनुसंधान कार्यक्रमों में तारा रचना, तारकीय संरचना और विकास, धूमकेतु, नोवा और बाइनरी सिस्टम, सुपरनोवा, चंद्र उपगूहन अध्ययन और स्टारबर्स्ट और सक्रिय गांगेय नाभिक जैसे पिंडों और घटनाओं की विस्तृत रेंज को कवर किया जाता है। इसमें इमेजिंग प्रकाशमिति, स्पेक्ट्रोस्कोपी और ध्रुवणमापन तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। MIRO से किए गए अवलोकनों से प्राप्त खगोलीय डेटा से अब तक 150 से अधिक समकक्ष समीक्षित अनुसंधान प्रकाशन प्रकाशित हुए हैं। MIRO में साधारण खगोलीय सुविधाओं को देखते हुए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वेधशाला एक बड़े, 2.5 मीटर दूरबीन प्राप्त करने की प्रक्रिया में है जिससे इसके वैज्ञानिक कार्यक्रमों को काफी बढ़ावा मिलेगा।

पता

माउंट आबू आईआर वेधशाला, गुरुशिखर के पास, माउंट आबू-307501, (राजस्थान) भारत,
फोन: + 91-02974 294149

MIRO बेस कार्यालय, गेस्ट हाउस, आवासीय परिसर:
हिलव्यू गेस्ट हाउस, गोरा छपरा, माउंट आबू 307501, (राजस्थान), भारत
फोन: + 91-02974-235229
फैक्स: + 91-02974-238276